रेणुका बिश्नोई: हरियाणा की प्रभावशाली महिला राजनेता और समाजसेवी
हरियाणा की एक प्रभावशाली महिला राजनेता, समाजसेवी और बिश्नोई समाज की प्रेरणास्रोत, रेणुका बिश्नोई (Renuka Bishnoi) ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल बिश्नोई (Chaudhary Bhajanlal Bishnoi) की पुत्रवधू और वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई (Kuldeep Bishnoi) की पत्नी हैं। उन्हें हरियाणा की दूसरी महिला विधायक होने का गौरव प्राप्त है। आज भी वे जनसेवा और बिश्नोई समाज की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
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रेणुका बिश्नोई - हरियाणा की प्रभावशाली महिला राजनेता |
रेणुका बिश्नोई का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
रेणुका बिश्नोई का जन्म 1 सितंबर 1973 को पंजाब के अबोहर क्षेत्र के दुतरावाली गांव में एक साधारण बिश्नोई परिवार में हुआ। उनके पिता उदयपाल बिश्नोई की इकलौती बेटी होने के कारण उन्हें पारिवारिक मूल्यों और संस्कृति की गहरी समझ मिली। उनके दो भाई, प्रवीण और सत्यदीप बिश्नोई, उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।
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रेणुका बिश्नोई बचपन में अपने पिता उदयपाल बिश्नोई के साथ |
रेणुका बिश्नोई ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद वाणिज्य (Commerce) में स्नातक की डिग्री हासिल की। उनकी शिक्षा ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया और समाज सेवा व राजनीति में आगे बढ़ने की नींव रखी।
रेणुका बिश्नोई का वैवाहिक जीवन और परिवार
28 नवंबर 1991 को रेणुका बिश्नोई का विवाह हरियाणा के प्रतिष्ठित बिश्नोई परिवार में हुआ। रेणुका, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री (तीन बार), चार बार सांसद और नौ बार विधायक रहे बिश्नोई समाज के संरक्षक चौधरी भजनलाल बिश्नोई एवं पूर्व विधायक श्रीमती जसमां देवी के छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई की जीवनसंगिनी बनीं।
रेणुका और कुलदीप बिश्नोई के तीन बच्चे हैं:
- भव्य बिश्नोई - बड़े बेटे, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और हरियाणा के आदमपुर से पूर्व विधायक हैं। वे जो Hisar Lok Sabha क्षेत्र से Congress candidate रह चुके हैं। भव्य बिश्नोई की पत्नी और रेणुका बिश्नोई की पुत्रवधु परी Pari Bishnoi IAS एक प्रतिभाशाली आईएएस अधिकारी हैं। भव्य बिश्नोई और परी बिश्नोई की बेटी का नाम वेदा है।
- चैतन्य बिश्नोई - छोटे बेटे, जो क्रिकेट में नाम कमा रहे हैं। वे हरियाणा के लिए खेलते हैं और IPL 2019 में Chennai Super Kings का हिस्सा रह चुके हैं।
- सिया बिश्नोई - बेटी, जो हरियाणा राज्य Junior Basketball Team की कप्तान भी रह चुकी है।
रेणुका बिश्नोई का राजनीतिक सफर
रेणुका बिश्नोई ने 2011 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। जब उनके पति कुलदीप बिश्नोई सांसद बने, तो उन्होंने आदमपुर सीट से उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने आदमपुर सीट (Adampur seat) 22,669 वोटों के अंतर से जीती, अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और पूर्व विधायक कुलबीर सिंह बेनीवाल (Kulbir Singh Beniwal) - कांग्रेस (INC) को हराया। वे हरियाणा की दूसरी महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त करने वाली नेता बनीं।
2014 में वे हांसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ीं और जनता के बीच अपनी पहचान मजबूत की। दुसरी बार Haryana Janhit Congress (BL) के टिकट पर वे विधायक बनीं और उन्होंने इनेलो (INLD) के उम्मीदवार उमेद एस लोहान को 14,652 वोटों के अंतर से हराया।
रेणुका बिश्नोई के राजनीतिक करियर पर उनके ससुर और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल का गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने स्वयं कहा है कि उनका मुख्य एजेंडा अपने ससुर की तरह विकास पर केंद्रित रहेगा। इस प्रकार, वे भजनलाल की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।
रेणुका बिश्नोई केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने समाज सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और गरीबों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
रेणुका बिश्नोई हरियाणा की राजनीति में एक सशक्त महिला चेहरा हैं। उनका जीवन संघर्ष, परिश्रम और समाज सेवा की मिसाल है। अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने समाज और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।